शनिदेव आरती – जय जय श्री शनिदेव – Jai Jai Shani Dev Maharaj

शनिदेव की आरती का सार (भावार्थ)

शनिदेव की यह पावन आरती न्याय, कर्म, संयम और अनुशासन के देवता भगवान शनि की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करती है। आरती में शनिदेव को भक्तों का सच्चा हितकारी बताया गया है, जो मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं और जीवन के मार्ग को शुद्ध करते हैं।

इस आरती के अनुसार, शनिदेव सूर्यदेव के पुत्र हैं और उनकी माता छाया हैं। उनका स्वरूप गम्भीर और प्रभावशाली है—श्याम वर्ण, वक्र दृष्टि, चार भुजाएँ और नीले वस्त्र उनके तपस्वी एवं न्यायप्रिय स्वभाव को दर्शाते हैं। वे गज (हाथी) पर विराजमान होकर शक्ति, स्थिरता और धैर्य का प्रतीक बनते हैं। उनके शीश पर मुकुट और गले में मोतियों की माला उनकी दिव्यता और गरिमा को प्रकट करती है।

आरती में यह भी बताया गया है कि शनिदेव को तिल, तेल, लोहे, उड़द, मोदक और मिष्ठान विशेष प्रिय हैं। ये वस्तुएँ शनिदेव की पूजा में समर्पित कर भक्त अपने जीवन से दोष, बाधा और कष्टों को दूर करने की कामना करते हैं। शनिदेव की उपासना से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या जैसे प्रभाव शांत होते हैं।

देव, दानव, ऋषि-मुनि और सामान्य जन—सभी शनिदेव का स्मरण करते हैं, क्योंकि वे विश्व के न्यायाधीश हैं। आरती के अंत में भक्त पूर्ण श्रद्धा से शनिदेव की शरण में जाकर उनसे कृपा, रक्षा और सही मार्गदर्शन की प्रार्थना करता है।

समग्र रूप से, यह आरती हमें सिखाती है कि यदि हम सत्य, परिश्रम और धर्म के मार्ग पर चलें, तो शनिदेव दंड नहीं बल्कि संरक्षक और कल्याणकारी बनकर जीवन में स्थिरता, सफलता और आत्मिक शांति प्रदान करते हैं। 🙏🪔

शनिदेव आरती – जय जय श्री शनिदेव – Jai Jai Shani Dev Maharaj

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूरज के पुत्र प्रभुछाया महतारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

श्याम अंग वक्र-दृष्टिचतुर्भुजा धारी।
निलाम्बर धार नाथगज की असवारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

क्रीट मुकुट शीश सहजदिपत है लिलारी।
मुक्तन की माल गलेशोभित बलिहारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

मोदक और मिष्ठान चढ़े, चढ़ती पान सुपारी।
लोहा, तिल, तेल, उड़दमहिषी है अति प्यारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥

देव दनुज ऋषि मुनिसुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान हमहैं शरण तुम्हारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥


यदि शनिदेव आरती – “जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी” आपको भक्तिभाव से भर दे और इसका सार आपके हृदय को स्पर्श करे, तो कृपया इस आरती को Like करें। इसे अपने परिवार, मित्रों और प्रियजनों के साथ Share करें, ताकि शनिदेव की कृपा अधिक से अधिक भक्तों तक पहुँचे। नीचे Comment में “जय श्री शनिदेव” लिखकर अपनी श्रद्धा प्रकट करें और बताएं कि यह आरती आपको कैसी लगी।

🔱 शनिदेव महाराज आप सभी को न्याय, धैर्य और शुभ कर्मों का फल प्रदान करें। 🔱

Leave a Comment