माता शैलपुत्री की आरती – सार (भावार्थ)
माता शैलपुत्री की आरती देवी के प्रथम नवदुर्गा स्वरूप की महिमा, करुणा और कृपा का सुंदर वर्णन करती है। इस आरती में माता को गिरिराज हिमालय की पुत्री, भगवान शिव-शंकर की अति प्रिय शक्ति और समस्त देवताओं द्वारा पूजित देवी के रूप में स्मरण किया गया है।
आरती के अनुसार, माता शैलपुत्री बैल पर आरूढ़ होकर धर्म, शक्ति और स्थिरता का प्रतीक बनती हैं। वे पार्वती और उमा के नाम से भी जानी जाती हैं। जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ उनका स्मरण करता है, उसे जीवन में सुख, शांति और संतुलन की प्राप्ति होती है। माता अपने भक्तों की रिद्धि-सिद्धि को स्वीकार करती हैं, उन पर दया करके उन्हें धन-समृद्धि से परिपूर्ण करती हैं।
आरती में विशेष रूप से यह बताया गया है कि सोमवार के दिन, भगवान शिव के साथ माता शैलपुत्री की आरती करने से भक्त की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। माता न केवल कष्टों और दुखों को दूर करती हैं, बल्कि जीवन की हर बाधा को भी समाप्त करती हैं। घी का दीपक जलाकर, भोग अर्पित कर और मंत्रों का जप करते हुए यदि भक्त प्रेमपूर्वक शीश झुकाता है, तो माता अवश्य प्रसन्न होती हैं।
माता शैलपुत्री को गिरिराज किशोरी, शिव मुख चंद्र चकोरी कहा गया है, जो यह दर्शाता है कि वे शिव की अर्धांगिनी होकर भी करुणामयी माता के रूप में अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। अंत में आरती भक्त की यही प्रार्थना करती है कि माता उसकी सभी इच्छाएँ पूर्ण करें, जीवन को सुख-सम्पत्ति और आनंद से भर दें।
यह आरती हमें सिखाती है कि सच्ची श्रद्धा, संयम और प्रेम से माता शैलपुत्री की आराधना करने पर जीवन में आध्यात्मिक बल, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा अवश्य प्राप्त होती है। 🙏
माता शैलपुत्री की आरती – Shailputri Mata Aarti
शैलपुत्री माँ बैल असवार।
करें देवता जय जय कार॥१॥
शिव-शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने न जानी॥२॥
पार्वती तू उमा कहलावें।
जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें॥३॥
रिद्धि सिद्धि परवान करें तू।
दया करें धनवान करें तू॥४॥
सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती जिसने तेरी उतारी॥५॥
उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुःख तकलीफ मिटा दो॥६॥
घी का सुन्दर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के॥७॥
श्रद्धा भाव से मन्त्र जपायें।
प्रेम सहित फिर शीश झुकायें॥८॥
जय गिरराज किशोरी अम्बे।
शिव मुख चन्द्र चकोरी अम्बे॥९॥
मनोकामना पूर्ण कर दो।
चमन सदा सुख सम्पत्ति भर दो॥१०॥
यदि माता शैलपुत्री की आरती का यह सार आपको भक्तिभाव और शांति से भर दे, तो इसे अपने मित्रों व परिवार के साथ साझा करें। नीचे कमेंट में “जय माता दी” लिखकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करें और ऐसे ही और भी धार्मिक व भक्ति-मय लेखों के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े रहें। 🌸✨
जय माता शैलपुत्री! 🙏