प्रेतराज सरकार की आरती का – सार (भावार्थ)
प्रेतराज सरकार की यह आरती उन्हें दीन-दुखियों के रक्षक, संकटों का नाश करने वाले और न्यायप्रिय दिव्य सेवक के रूप में प्रस्तुत करती है। आरती में बताया गया है कि प्रेतराज सरकार बालाजी महाराज के परम सेवक हैं और उनकी आज्ञा का पालन करते हुए संसार से भूत-प्रेत, जिन्न और नकारात्मक शक्तियों को दूर करते हैं। उनके चरणों में नमन करने से भक्तों के कष्ट कटते हैं और भय से मुक्ति मिलती है।
इस आरती में उनका राजसी स्वरूप वर्णित है—हाथी पर सवार, ढाल, धनुष और शस्त्रों से सुसज्जित—जो उनके साहस, शक्ति और न्याय का प्रतीक है। भूत-प्रेत, जिन्न और अन्य बाधाएँ उनके सामने काँप उठती हैं, और जो भी भक्त सच्चे मन से विनती करता है, उसकी अर्ज़ तुरंत सुनी जाती है। आरती यह संदेश देती है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा से प्रेतराज सरकार की शरण में आता है, उसके संकट शीघ्र दूर होते हैं और जीवन की बाधाएँ समाप्त होती हैं।
अंततः यह आरती भक्त को पूर्ण समर्पण का मार्ग दिखाती है—जहाँ प्रेतराज सरकार के चरणों में नतमस्तक होकर जीवन-नैया को भवसागर से पार लगाने की प्रार्थना की जाती है। यह आरती न केवल भय और नकारात्मकता से रक्षा का आश्वासन देती है, बल्कि विश्वास, साहस और आध्यात्मिक सुरक्षा का भी भाव जगाती है।
प्रेतराज सरकार की आरती – Shri Pretraj Sarkar Ki Aarti
दीन दुखिन के तुम रखवाले,
संकट जग के काटन हारे।
बालाजी के सेवक जोधा,
मन से नमन इन्हें कर लीजै।
जिनके चरण कभी ना हारे,
राम काज लगि जो अवतारे।
उनकी सेवा में चित्त देते,
अर्जी सेवक की सुन लीजै।
बाबा के तुम आज्ञाकारी,
हाथी पर करे असवारी।
भूत जिन्न सब थर-थर काँपे,
अर्जी बाबा से कह दीजै।
जिन्न आदि सब डर के मारे,
नाक रगड़ तेरे पड़े दुआरे।
मेरे संकट तुरतहि काटो,
यह विनय चित्त में धरि लीजै।
वेश राजसी शोभा पाता,
ढाल कृपाल धनुष अति भाता।
मैं आनकर शरण आपकी,
नैया पार लगा मेरी दीजै।
यदि यह आरती आपके मन को शांति दे और श्रद्धा बढ़ाए, तो इसे लाइक करें, अपने विचार कमेंट में लिखें और इसे परिवार-मित्रों के साथ शेयर करें। प्रेतराज सरकार आपकी रक्षा करें।” 🙏