भगवान गंगाधर आरती – Om Jai Gangadhar – ॐ जय गंगाधर
भगवान गंगाधर आरती का सार (भावार्थ) भगवान गंगाधर आरती शिव की महिमा, करुणा, सौंदर्य, लीला और भक्तवत्सलता को अत्यंत काव्यात्मक …
भगवान गंगाधर आरती का सार (भावार्थ) भगवान गंगाधर आरती शिव की महिमा, करुणा, सौंदर्य, लीला और भक्तवत्सलता को अत्यंत काव्यात्मक …
जयति जयति जग-निवास आरती – सार (भावार्थ) “जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी” आरती भगवान शिव (शंकर) के सर्वव्यापक, करुणामय और …
हर हर महादेव आरती – सत्य, सनातन, सुंदर – सार (भावार्थ) “हर हर महादेव आरती” भगवान महादेव के सर्वव्यापक, अनंत, …
ॐ जय शिव ओंकारा आरती – सार (भावार्थ) “ॐ जय शिव ओंकारा” भगवान शिव की सबसे प्रसिद्ध और अर्थपूर्ण आरतियों …
श्री राम रघुपति आरती – सार (भावार्थ) “श्री राम रघुपति की आरती” भगवान श्रीराम के करुणामय, ज्ञानस्वरूप, भक्तवत्सल और धर्मरक्षक …
श्री जानकीनाथ आरती – सार (भावार्थ) “श्री जानकीनाथ जी की आरती” भगवान श्रीराम को जानकीनाथ (माता सीता के स्वामी) और …
श्री सीताराम आरती – सार (भावार्थ) “श्री सीताराम आरती” भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य दाम्पत्य स्वरूप, सौंदर्य, मधुरता …
श्री राम रघुवीर आरती – सार (भावार्थ) “श्री राम रघुवीर आरती” केवल बाह्य पूजा की आरती नहीं, बल्कि अंतरात्मा से …
श्री रघुवर जी की आरती – सार (भावार्थ) श्री रघुवर जी की आरती भगवान श्रीराम के उस आदर्श और दिव्य …
श्री यशोदालाल आरती – सार (भावार्थ) “श्री यशोदा लाल की आरती” माता यशोदा मैया और बाल श्रीकृष्ण के वात्सल्य, आनंद …