श्री भैरव देव जी आरती – Aart Shri Bhairav Ji – सुनो जी भैरव लाडले
श्री भैरव आरती का – सार (भावार्थ) श्री भैरव देव जी आरती भक्ति, शरणागति, निर्भयता और करुणा से परिपूर्ण है। …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
श्री भैरव आरती का – सार (भावार्थ) श्री भैरव देव जी आरती भक्ति, शरणागति, निर्भयता और करुणा से परिपूर्ण है। …
आरती श्री ब्रह्मा जी का – सार (भावार्थ) श्री ब्रह्मा जी की आरती सृष्टि-रचना, करुणा, संरक्षण और आत्मिक आश्रय के …
श्री विश्वकर्मा आरती का – सार (भावार्थ) विश्वकर्मा जी की आरती सृष्टि-रचना, ज्ञान-विकास, शिल्प-कौशल और भक्तवत्सलता का अत्यंत सारगर्भित वर्णन …
श्री विश्वकर्मा आरती का – सार (भावार्थ) विश्वकर्मा जी की आरती सृजन, शिल्पकला, कर्मयोग और ईश्वरीय कृपा का अत्यंत सुंदर …
आरती श्री धन्वन्तरि जी का – सार (भावार्थ) श्री भगवान धन्वंतरि जी की आरती स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोगमुक्त जीवन के …
आरती श्री कुबेर जी का – सार (भावार्थ) भगवान श्री कुबेर जी की आरती धन, वैभव, सुरक्षा और भक्तवत्सलता के …
श्री चित्रगुप्त जी की आरती का – सार (भावार्थ) चित्रगुप्त जी की आरती धर्म, न्याय और कर्मफल के गूढ़ सिद्धांत …
गोवर्धन महाराज जी की आरती का – सार (भावार्थ) इस आरती में श्री गोवर्धन महाराज को साक्षात भगवान के रूप …
श्री नरसिंह कुंवर की आरती का सार (भावार्थ) श्री नरसिंह कुंवर की आरती भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की असीम …
श्री नृसिंह भगवान की आरती – सार (भावार्थ) श्री नरसिंह भगवान की आरती में भगवान नृसिंह को ऐसे दिव्य रक्षक …