भगवान गंगाधर आरती – Om Jai Gangadhar – ॐ जय गंगाधर
भगवान गंगाधर आरती का सार (भावार्थ) भगवान गंगाधर आरती शिव की महिमा, करुणा, सौंदर्य, लीला और भक्तवत्सलता को अत्यंत काव्यात्मक …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
भगवान गंगाधर आरती का सार (भावार्थ) भगवान गंगाधर आरती शिव की महिमा, करुणा, सौंदर्य, लीला और भक्तवत्सलता को अत्यंत काव्यात्मक …
जयति जयति जग-निवास आरती – सार (भावार्थ) “जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी” आरती भगवान शिव (शंकर) के सर्वव्यापक, करुणामय और …
हर हर महादेव आरती – सत्य, सनातन, सुंदर – सार (भावार्थ) “हर हर महादेव आरती” भगवान महादेव के सर्वव्यापक, अनंत, …
ॐ जय शिव ओंकारा आरती – सार (भावार्थ) “ॐ जय शिव ओंकारा” भगवान शिव की सबसे प्रसिद्ध और अर्थपूर्ण आरतियों …
श्री राम रघुपति आरती – सार (भावार्थ) “श्री राम रघुपति की आरती” भगवान श्रीराम के करुणामय, ज्ञानस्वरूप, भक्तवत्सल और धर्मरक्षक …
श्री जानकीनाथ आरती – सार (भावार्थ) “श्री जानकीनाथ जी की आरती” भगवान श्रीराम को जानकीनाथ (माता सीता के स्वामी) और …
श्री सीताराम आरती – सार (भावार्थ) “श्री सीताराम आरती” भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य दाम्पत्य स्वरूप, सौंदर्य, मधुरता …
श्री राम रघुवीर आरती – सार (भावार्थ) “श्री राम रघुवीर आरती” केवल बाह्य पूजा की आरती नहीं, बल्कि अंतरात्मा से …
श्री रघुवर जी की आरती – सार (भावार्थ) श्री रघुवर जी की आरती भगवान श्रीराम के उस आदर्श और दिव्य …
श्री यशोदालाल आरती – सार (भावार्थ) “श्री यशोदा लाल की आरती” माता यशोदा मैया और बाल श्रीकृष्ण के वात्सल्य, आनंद …