श्री यशोदा लाल की आरती – Yashoda Lal Ki Aarti
श्री यशोदालाल आरती – सार (भावार्थ) “श्री यशोदा लाल की आरती” माता यशोदा मैया और बाल श्रीकृष्ण के वात्सल्य, आनंद …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
श्री यशोदालाल आरती – सार (भावार्थ) “श्री यशोदा लाल की आरती” माता यशोदा मैया और बाल श्रीकृष्ण के वात्सल्य, आनंद …
भगवान गिरिधारी आरती – सार (भावार्थ) “भगवान गिरिधारी जी की आरती” भगवान श्रीकृष्ण के गिरिधर स्वरूप की महिमा, करुणा, पराक्रम …
आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की – सार (भावार्थ) “आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की” भगवान श्रीकृष्ण के अवतार, बाललीलाओं, रूप-सौंदर्य, पराक्रम, करुणा और …
भगवान नटवर जी की आरती – सार (भावार्थ) भगवान नटवर जी की आरती भगवान श्रीकृष्ण के उस दिव्य स्वरूप का …
श्री गोपाल की आरती – सार (भावार्थ) श्री गोपाल की आरती मूल रूप से जुगल स्वरूप—भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा रानी—की …
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं – सार (भावार्थ) “श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं” भगवान श्रीकृष्ण के बांके बिहारी …
आरती कुंजबिहारी की – सार (भावार्थ) “आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की” भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य सौंदर्य, मधुर …
श्री बालाजी आरती – सार (भावार्थ) “श्री बालाजी आरती” भगवान हनुमान जी (बालाजी महाराज) की वीरता, भक्ति, पराक्रम और करुणा …
जयति मंगलागार… आरती – सार (भावार्थ) यह पावन आरती भगवान श्री हनुमान जी के दिव्य, पराक्रमी और भक्तवत्सल स्वरूप का …
परिचय: जब भक्ति ही शक्ति बन जाए “आरती कीजै हनुमान लला की” केवल एक प्रार्थना नहीं है। यह उस अद्भुत …