बाबोसा भगवान की आरती – Babosa Bhagwan Aarti
बाबोसा भगवान को भक्तजन भगवान हनुमान का ही एक दिव्य रूप या अवतार मानते हैं, जो कलियुग में अपने भक्तों …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
बाबोसा भगवान को भक्तजन भगवान हनुमान का ही एक दिव्य रूप या अवतार मानते हैं, जो कलियुग में अपने भक्तों …
कैला माता की आरती का – सार (भावार्थ) कैला माता की आरती माँ कैला रानी के दिव्य, करुणामय और शक्तिस्वरूप …
नवग्रह की आरती का – सार (भावार्थ) नवग्रह की आरती सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु—इन …
वैभव लक्ष्मी की आरती का – सार (भावार्थ) वैभव लक्ष्मी माता आरती माँ वैभव लक्ष्मी के उस करुणामय स्वरूप का …
धर्मराज की आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती धर्मराज (यमराज) को न्याय, सत्य और लोक-रक्षा के परम अधिष्ठाता के …
नृसिंह आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती भगवान नृसिंह—श्रीहरि विष्णु के अद्भुत नर-सिंह अवतार—की महिमा का भावपूर्ण स्तवन है। …
संकटा माता की आरती का – सार (भावार्थ) संकटा माता आरती, माँ संकटा भवानी के करुणामय, रक्षक और संकट-निवारक स्वरूप …
गौरीनंदन (श्री गणेश) की आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती माँ गौरी के पुत्र, श्री गणेश—गौरीनंदन के मंगलमय, करुणामय …
श्री शीतलनाथ भगवान की आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर श्री शीतलनाथ भगवान के …
धर्मराज की आरती – सार (भावार्थ) धर्मराज की यह आरती मानव जीवन के कर्म, न्याय और आत्मिक उत्तरदायित्व को गहराई …