श्री राणी सती जी की आरती – Rani Sati Dadi Aarti
श्री राणी सती माता की आरती का – सार (भावार्थ) श्री राणी सती जी की आरती (दादी जी) की करुणा, …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
श्री राणी सती माता की आरती का – सार (भावार्थ) श्री राणी सती जी की आरती (दादी जी) की करुणा, …
जाहरवीर गोगाजी की आरती का – सार (भावार्थ) जाहरवीर गोगा जी की आरती लोकदेवता श्री जाहरवीर गोगाजी (गूगा वीर) की …
गुरु गोरखनाथ जी की आरती का – सार (भावार्थ) गोरखनाथ जी की आरती नाथ संप्रदाय के आदियोगी, गुरु गोरखनाथ जी …
प्रेतराज सरकार की आरती का – सार (भावार्थ) प्रेतराज सरकार की यह आरती उन्हें दीन-दुखियों के रक्षक, संकटों का नाश …
राजस्थान के झुंझुनूं में स्थित श्री पंचदेव मंदिर के विष्णु-अवतार बाबा गंगाराम के प्रति लोगों की आस्था दिन-प्रतिदिन निरंतर बढ़ती …
संत शिरोमणि रविदास जी का जन्म लगभग 1377 ईस्वी में (कुछ मतों के अनुसार 1433 या 1450 ई.) उत्तर प्रदेश …
भगवान महावीर इस युग के जैन धर्म के चौबीसवें और अंतिम तीर्थंकर थे। जैन दर्शन के अनुसार सभी तीर्थंकर सामान्य …
शिरडी साईं बाबा की आरती का – सार (भावार्थ) शिरडी साईं बाबा की आरती भक्तों के लिए केवल एक स्तुति …
बाबा रामदेव जी, जिन्हें रामदेव पीर, रामापीर या रामशाहपीर के नाम से भी जाना जाता है, को मुख्य रूप से …
खाटू श्याम जी की आरती का – सार (भावार्थ) खाटू श्याम जी की आरती भक्त और भगवान के बीच अटूट …