नृसिंह आरती – Narasimha Aarti – (ISKCON – श्री जयदेव गोस्वामी द्वारा रचित)
नृसिंह आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती भगवान नृसिंह—श्रीहरि विष्णु के अद्भुत नर-सिंह अवतार—की महिमा का भावपूर्ण स्तवन है। …
नृसिंह आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती भगवान नृसिंह—श्रीहरि विष्णु के अद्भुत नर-सिंह अवतार—की महिमा का भावपूर्ण स्तवन है। …
संकटा माता की आरती का – सार (भावार्थ) संकटा माता आरती, माँ संकटा भवानी के करुणामय, रक्षक और संकट-निवारक स्वरूप …
गौरीनंदन (श्री गणेश) की आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती माँ गौरी के पुत्र, श्री गणेश—गौरीनंदन के मंगलमय, करुणामय …
श्री शीतलनाथ भगवान की आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर श्री शीतलनाथ भगवान के …
धर्मराज की आरती – सार (भावार्थ) धर्मराज की यह आरती मानव जीवन के कर्म, न्याय और आत्मिक उत्तरदायित्व को गहराई …
भगवान कार्तिकेय की आरती – सार (भावार्थ) भगवान कार्तिकेय की यह आरती केवल एक देवता की स्तुति नहीं है, बल्कि …
श्री स्वामीनारायण आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती भगवान स्वामीनारायण के दिव्य, करुणामय और सर्वोच्च स्वरूप का भक्तिपूर्ण स्तवन …
बाबा बालक नाथ जी की आरती का सार (भावार्थ) यह आरती बाबा बालक नाथ जी के वैराग्य, करुणा और भक्त-वत्सल …
“दूलह देवा” सिंधी समाज के आराध्य देवता झूलेलाल का ही एक पावन नाम है। उन्हें वरुण देव (जल के देवता) …
बाल कृष्ण जी की आरती का सार (भावार्थ) यह आरती भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप (बाल गोपाल / लड्डू गोपाल) …