सीता माता की आरती – सार (भावार्थ)
सीता माता की आरती माता जानकी के पावन, आदर्श और करुणामयी स्वरूप का भावपूर्ण स्तवन है। इस आरती में माता सीता को श्री जनकदुलारी, रघुवर श्रीराम की अत्यंत प्रिय, तथा जगत जननी के रूप में नमन किया गया है। वे सम्पूर्ण सृष्टि का विस्तार करने वाली, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाली, तथा साकेत (अयोध्या) में विहार करने वाली दिव्य शक्ति हैं।
आरती में माता सीता को परम दयामयी और दीनों का उद्धार करने वाली कहा गया है। वे भक्तों के कष्ट हरने वाली, शरणागतों को निर्भय करने वाली और सदा कल्याण करने वाली माता हैं। उनका नाम स्मरण मात्र से मन पवित्र हो जाता है और जीवन के दुख–कष्ट दूर होने लगते हैं। यही कारण है कि वे भक्तों के हृदय में सदा विराजमान रहती हैं।
इस आरती का एक महत्वपूर्ण भाव पातिव्रत्य और त्याग है। माता सीता को सती शिरोमणि कहा गया है—जो पति के हित के लिए वन-वन भटकीं, वनवास और वियोग को सहर्ष स्वीकार किया, और अपने त्याग, धैर्य तथा मर्यादा से नारी-धर्म की सर्वोच्च मिसाल प्रस्तुत की। वे त्याग और धर्म की सजीव मूर्ति हैं।
आरती आगे बताती है कि माता सीता की विमल कीर्ति समस्त लोकों में व्याप्त है। उनका नाम लेने से मन निर्मल होता है, बुद्धि पवित्र होती है और भय का नाश होता है। जो भी भक्त श्रद्धा से उनका स्मरण करता है, उसके जीवन से दुख, संकट और भय स्वतः दूर हो जाते हैं।
समग्र रूप से, सीता माता की यह आरती करुणा, त्याग, पवित्रता और आदर्श जीवन-मूल्यों का संदेश देती है। यह आरती भक्तों को धैर्य, सहनशीलता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है तथा माता सीता की शरण में जाकर जीवन को सार्थक बनाने का भाव जागृत करती है। 🙏✨
सीता माता की आरती – Sita Mata Ki Aarti
आरती श्री जनक दुलारी की ।
सीता जी रघुवर प्यारी की ॥
जगत जननी जग की विस्तारिणी,
नित्य सत्य साकेत विहारिणी,
परम दयामयी दिनोधारिणी,
सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥
आरती श्री जनक दुलारी की ।
सीता जी रघुवर प्यारी की ॥
सती श्रोमणि पति हित कारिणी,
पति सेवा वित्त वन वन चारिणी,
पति हित पति वियोग स्वीकारिणी,
त्याग धर्म मूर्ति धरी की ॥
आरती श्री जनक दुलारी की ।
सीता जी रघुवर प्यारी की ॥
विमल कीर्ति सब लोकन छाई,
नाम लेत पवन मति आई,
सुमीरात काटत कष्ट दुख दाई,
शरणागत जन भय हरी की ॥
आरती श्री जनक दुलारी की ।
सीता जी रघुवर प्यारी की ॥
यदि आपको सीता माता की आरती का यह सार प्रेरक लगा हो, तो कृपया इसे Like करें, अपने परिवार व मित्रों के साथ Share करें, और नीचे Comment में “जय माता सीता” लिखकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करें। ऐसी ही पावन आरतियाँ और भक्तिमय सामग्री के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े रहें। 🌸✨