आज मंगलवार है महावीर का वार है – भजन – Aaj Mangalwar Hai, Mahaveer Ka Vaar Hai

आज मंगलवार है महावीर का वार है भजन: अर्थ, महत्व और हनुमान जी की कृपा का दिव्य संदेश

Introduction (परिचय)

“आज मंगलवार है, महावीर का वार है” एक अत्यंत लोकप्रिय हनुमान भक्ति भजन है, जो भक्तों में श्रद्धा, साहस, विश्वास और संकट से मुक्ति का भाव जागृत करता है। इस भजन में भगवान हनुमान जी (महावीर) के जन्म, उनके दिव्य पराक्रम, रामभक्ति, और भक्तों की रक्षा करने वाले उनके करुणामय स्वरूप का सुंदर वर्णन मिलता है। विशेष रूप से मंगलवार, जो हनुमान जी का प्रिय दिन माना जाता है, इस भजन के माध्यम से भक्त अपने जीवन के संकट, भय, रोग और बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

भजन यह संदेश देता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास से महावीर हनुमान का स्मरण करता है, उसका जीवन मार्ग सुगम हो जाता है और उसका “बेड़ा पार” अर्थात जीवन की कठिनाइयाँ पार हो जाती हैं। इसमें हनुमान जी के शंकर अवतार, राम कार्य में उनकी सेवा, सीता माता की खोज, और लंका दहन जैसी पौराणिक घटनाओं का उल्लेख करके यह बताया गया है कि वे केवल शक्ति के प्रतीक ही नहीं, बल्कि भक्ति, ज्ञान और सेवा के सर्वोच्च आदर्श भी हैं। यही कारण है कि यह भजन भक्तों के लिए संकटमोचन प्रार्थना के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज मंगलवार है महावीर का वार है – Lyrics

आज मंगलवार है, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है ।
सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

चेत सुति पूनम मंगल का जनम वीर ने पाया है,
लाल लंगोट गदा हाथ में सर पर मुकुट सजाया है ।
शंकर का अवतार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

ब्रह्मा जी के ब्रह्म ज्ञान का बल भी तुमने पाया है,
राम काज शिव शंकर ने वानर का रूप धारिया है ।
लीला अप्रम पार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

बाला पन में महावीर ने हरदम ध्यान लगाया है,
श्रम दिया ऋषिओं ने तुमको ब्रह्म ध्यान लगाया है ।
राम रामाधार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

राम जनम हुआ अयोध्या में कैसा नाच नचाया है,
कहा राम ने लक्ष्मण से यह वानर मन को भाया है ।
राम चरण से प्यार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

पचवटी से माता को जब रावण लेकर आया है,
लंका में जाकर तुमने माता का पता लगाया है ।
अक्षय को मारा है, महावीर का वार है,
सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

मेघनाथ ने ब्रह्मपाश में तुमको आन फसाया है,
ब्रह्मपाश में फस कर के ब्रह्मा का मान बढ़ाया है ।
बजरंगी वाकी मार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

लंका जलायी आपने जब रावण भी घबराया है,
श्री राम लखन को आकर माँ का सन्देश सुनाया है ।
सीता शोक अपार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन से जो कोई धयावे, उसका बेडा पार है ॥

भजन “आज मंगलवार है महावीर का वार है” का विस्तृत सार

यह भजन भगवान हनुमान जी की महिमा, पराक्रम, भक्ति और कृपा का अत्यंत प्रेरणादायक वर्णन करता है। भजन का मुख्य संदेश यह है कि मंगलवार, जो महावीर हनुमान जी का विशेष दिन माना जाता है, उस दिन सच्चे मन से उनकी आराधना करने वाले भक्त के सभी कष्ट दूर होते हैं और उसका जीवन रूपी बेड़ा पार हो जाता है।

भजन में बताया गया है कि हनुमान जी का जन्म मंगल के शुभ दिन चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को हुआ था। वे लाल लंगोट, हाथ में गदा और मस्तक पर मुकुट धारण किए हुए अद्भुत वीर रूप में प्रकट हुए। उन्हें भगवान शिव का अवतार माना जाता है, इसलिए उनकी शक्ति और तेज असीम और दिव्य है।

भजन आगे बताता है कि हनुमान जी को ब्रह्मा जी के ब्रह्मज्ञान का वरदान प्राप्त है और उन्होंने भगवान राम की सेवा के लिए वानर रूप धारण किया। उनकी लीलाएँ अनंत हैं और हर कार्य में उनका एकमात्र उद्देश्य रामभक्ति और धर्म की रक्षा रहा है। बचपन से ही उन्होंने गहन तप और ध्यान किया, जिसके कारण उन्हें अद्भुत बल, बुद्धि और विद्या प्राप्त हुई।

रामायण की घटनाओं का वर्णन करते हुए भजन बताता है कि जब माता सीता का हरण हुआ, तब हनुमान जी ने लंका जाकर माता सीता का पता लगाया, अक्षय कुमार का वध किया, और अपनी वीरता से लंका दहन कर रावण को भयभीत कर दिया। मेघनाथ के ब्रह्मपाश में बंधने पर भी उन्होंने ब्रह्मा जी का सम्मान बनाए रखा और अपनी विनम्रता और धर्मनिष्ठा का परिचय दिया।

अंततः हनुमान जी ने श्रीराम और लक्ष्मण को माता सीता का संदेश पहुँचाया और उनके चरणों में अटूट प्रेम और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। यही कारण है कि उन्हें संकटमोचन, भक्तवत्सल और कलियुग के जाग्रत देवता कहा जाता है।

इस भजन का सार यह है कि जो भक्त मंगलवार के दिन श्रद्धा और सच्चे मन से हनुमान जी का स्मरण करता है, उसके जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं, उसे साहस, शक्ति, बुद्धि और सफलता प्राप्त होती है, और अंततः वह भगवान की कृपा से जीवन के सभी संकटों से पार हो जाता है।

मुख्य संदेश: सच्ची भक्ति, राम नाम का स्मरण, और हनुमान जी की आराधना ही जीवन के दुखों से मुक्ति और सफलता का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग है।

Benefits of Reading (पाठ के लाभ)

इस भजन का नियमित पाठ करने से भक्त के जीवन में भय, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव कम होता है। हनुमान जी की कृपा से साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। यह भजन विशेष रूप से संकट निवारण, कार्य सिद्धि, रोग मुक्ति, और मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। नियमित पाठ से रामभक्ति और आध्यात्मिक शक्ति भी बढ़ती है।

How & When To Read (कैसे और कब पढ़ें)

इस भजन का पाठ विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को करना अत्यंत शुभ माना जाता है। प्रातः स्नान करके हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर, लाल पुष्प और गुड़-चना अर्पित करके श्रद्धा से इसका पाठ करना चाहिए। यदि संभव हो तो हनुमान चालीसा के साथ इस भजन का पाठ करने से अधिक लाभ प्राप्त होता है।

Religious Significance (धार्मिक महत्व)

यह भजन हनुमान जी को शिवावतार, रामभक्त, और संकटमोचन के रूप में स्थापित करता है। इसमें वर्णित घटनाएँ—सीता माता की खोज, लंका दहन, और राम कार्य में सेवा—धर्म, सेवा और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। यह भजन भक्तों को सिखाता है कि सच्ची भक्ति और सेवा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।

FAQ (महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर)

प्रश्न 1: यह भजन कब पढ़ना चाहिए?
उत्तर: इसे विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को पढ़ना अत्यंत शुभ माना जाता है।

प्रश्न 2: क्या इसे रोज पढ़ सकते हैं?
उत्तर: हाँ, इसे प्रतिदिन श्रद्धा से पढ़ने पर भी अत्यंत शुभ फल प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 3: इस भजन का मुख्य लाभ क्या है?
उत्तर: इसका पाठ संकट निवारण, साहस वृद्धि, और मनोकामना पूर्ति में सहायक माना जाता है।

प्रश्न 4: पाठ करते समय क्या नियम आवश्यक हैं?
उत्तर: स्वच्छता, एकाग्र मन, और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण नियम हैं।

Conclusion (निष्कर्ष)

“आज मंगलवार है, महावीर का वार है” भजन केवल एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि विश्वास, साहस और ईश्वर-समर्पण का प्रेरणादायक संदेश है। जो भक्त श्रद्धा, भक्ति और सच्चे मन से महावीर हनुमान जी का स्मरण करता है, उसके जीवन की कठिनाइयाँ सरल हो जाती हैं और उसे सफलता, सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। यह भजन हमें सिखाता है कि रामभक्ति, सेवा और निष्ठा ही जीवन की वास्तविक विजय का मार्ग है।

यह भजन भी जानें


अगर आपको यह “हनुमान भजन का सार” प्रेरणादायक लगा हो, तो कृपया पोस्ट को अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर करें, कमेंट में “जय बजरंगबली” लिखकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करें, और ऐसे ही भक्ति से जुड़े ज्ञानवर्धक लेख पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट को नियमित रूप से विज़िट करें।

जय बजरंगबली! 🚩

Leave a Comment