माँ ज्वाला देवी की आरती – Jwala Mata Ki Aarti
माँ ज्वाला देवी की आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती माँ ज्वाला देवी की करुणा, शक्ति और दिव्य ज्योति …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
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श्री कामाख्या देवी की आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती महाशक्ति स्वरूपा श्री कामाख्या देवी की करुणा, रहस्यमय शक्ति …
आरती श्री रामायण जी की – – सार (भावार्थ) आरती श्री रामायण जी की, आरती श्रीरामचरितमानस / रामायण की महिमा …
श्री मनसा देवी की आरती का – सार (भावार्थ) मनसा देवी की यह आरती सर्प-शक्ति, करुणा और कल्याण की अधिष्ठात्री …
शनिवार की आरती – श्री शनि देव का सार (विस्तृत अर्थ) यह आरती न्याय, कर्मफल और अनुशासन के अधिदेवता श्री …
मंगलवार आरती – मंगल मूरति हनुमान जी का – सार (भावार्थ) यह आरती श्री हनुमान जी के मंगलमय, पराक्रमी और …
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श्री पितर जी महाराज की आरती – सार (भावार्थ) श्री पितर जी की आरती, पितरजी महाराज को समर्पित भक्त के …
श्रीमद् भगवद् गीता की आरती – सार (भावार्थ) श्रीमद् भगवद् गीता को इस आरती में केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि …
श्री राणी सती माता की आरती का – सार (भावार्थ) श्री राणी सती जी की आरती (दादी जी) की करुणा, …