सीता माता की आरती – Sita Mata Ki Aarti
सीता माता की आरती – सार (भावार्थ) सीता माता की आरती माता जानकी के पावन, आदर्श और करुणामयी स्वरूप का …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
सीता माता की आरती – सार (भावार्थ) सीता माता की आरती माता जानकी के पावन, आदर्श और करुणामयी स्वरूप का …
जानकी माता की आरती – सार (भावार्थ) जानकी माता आरती माता सीता के दिव्य, पवित्र और करुणामयी स्वरूप का भावपूर्ण …
शारदा माता की आरती – सार (भावार्थ) शारदा माता की आरती माँ शारदा के उस दिव्य स्वरूप का गुणगान है, …
शाकम्भरी देवी की आरती – सार (भावार्थ) शाकम्भरी देवी की आरती माँ शाकम्भरी के उस करुणामयी और पालनकर्त्री स्वरूप का …
नर्मदा माता की आरती – सार (भावार्थ) नर्मदा जी की आरती माँ नर्मदा को जगत की आनंददायिनी, पावन और कल्याणकारी …
बगलामुखी माता की आरती – सार (भावार्थ) बगलामुखी माता की आरती माँ बगलामुखी के उस दिव्य और शक्तिशाली स्वरूप का …
अन्नपूर्णा माता की आरती – सार (भावार्थ) अन्नपूर्णा माता की आरती माँ अन्नपूर्णा के उस करुणामय और सर्वपालक स्वरूप की …
देवी राधिका आरती – सार (भावार्थ) देवी राधिका आरती श्रीवृषभानुनंदिनी राधा रानी के उस दिव्य, प्रेममय और आनंदस्वरूप तत्व की …
राधा रानी की आरती – सार (भावार्थ) राधा रानी की आरती श्रीवृषभानुनंदिनी राधा के उस दिव्य स्वरूप का भावपूर्ण स्तवन …
काली माता की आरती ‘मंगल की सेवा’ – सार (भावार्थ) काली माता की आरती ‘मंगल की सेवा’ माँ काली के …