श्री गंगा जी की आरती – Shri Gangaji ki Aarti – ॐ जय गंगे माता
श्री गंगा जी की आरती का सार (भावार्थ) श्री गंगा जी की आरती माँ गंगा की दिव्यता, करुणा और मोक्षदायिनी …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
श्री गंगा जी की आरती का सार (भावार्थ) श्री गंगा जी की आरती माँ गंगा की दिव्यता, करुणा और मोक्षदायिनी …
श्री सरस्वती जी की आरती का – सार (भावार्थ) सरस्वती मां की आरती उन्हें विद्या, ज्ञान, बुद्धि, विवेक और सद्गुणों …
आरती श्री सन्तोषी माँ का – सार (भावार्थ) सन्तोषी माता आरती भक्तों के जीवन में संतोष, सुख, शांति और समृद्धि …
श्री लक्ष्मी जी की आरती का – सार (भावार्थ) श्री लक्ष्मी माता की आरती माता लक्ष्मी की महिमा, करुणा, शक्ति …
श्री वैष्णो देवी आरती का – सार (भावार्थ) श्री वैष्णो माता आरती माँ के प्रति पूर्ण समर्पण, श्रद्धा और विश्वास …
अम्बे तू है जगदम्बे काली – आरती का सार (भावार्थ) अम्बे तू है जगदम्बे काली, आरती माँ दुर्गा / जगदम्बा …
आरती श्री अम्बा जी का सार (भावार्थ) जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी आरती श्री अम्बा जी देवी माँ …
श्री गिरिराज आरती का सार (भावार्थ) श्री गिरिराज जी की आरती श्रद्धा, शरणागति, भक्ति और मोक्ष के गहन भाव को …
श्री परशुराम आरती का – सार (भावार्थ) भगवान परशुरामजी की आरती धर्म-रक्षा, न्याय, तप, वीरता और करुणा के अद्भुत संतुलन …
श्री भैरव देव आरती का – सार (भावार्थ) श्री भैरव देव जी आरती शक्ति, संरक्षण, करुणा और भय-नाश के भाव …