काल भैरव अष्टकम: श्लोक, अर्थ, लाभ और पाठ विधि
काल भैरव अष्टकम: काशी के कोतवाल का आठ श्लोकों का अमोघ कवच प्रस्तावना ज्योतिर्लिंग नगरी काशी की बात आते ही मन में …
अष्टकम आठ श्लोकों से मिलकर बना एक संस्कृत स्तोत्र है। ‘अष्टकम’ का अर्थ है ‘आठ का समूह’। यह एक लोकप्रिय स्तोत्र-रूप है जिसमें भगवान, देवी, या गुरु के गुणों, रूप, लीलाओं और महिमा का वर्णन आठ सरल और प्रभावशाली श्लोकों में किया जाता है। इसके उदाहरण हैं: शिवाष्टकम्, रामाष्टकम्, विष्णुष्टकम्, दुर्गाष्टकम् आदि। अष्टकम का पाठ प्रायः ध्यान, भक्ति, और फलप्राप्ति के लिए किया जाता है।
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महालक्ष्मी अष्टकम: प्रस्तावना (परिचय) जब भी हम धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की बात करते हैं, तो सबसे पहले हमारे मन में माँ महालक्ष्मी का …
शिव लिंगाष्टकम का विस्तृत सार एवं भावार्थ यह शिव लिंगाष्टकम भगवान सदाशिव के लिंग स्वरूप की महिमा का अत्यंत पावन, …
शिवाष्टकम का विस्तृत सार एवं भावार्थ यह शिवाष्टकम भगवान शिव के परमेश्वर, जगत्नाथ, विश्वनाथ और सदानन्द स्वरूप का अत्यंत गूढ़, भक्तिपूर्ण …
शिवाष्टकम (शिव स्तुति) का विस्तृत सार एवं भावार्थ यह शिवाष्टकम भगवान शिव के करुणामय, सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी स्वरूप का भावपूर्ण …