माता शैलपुत्री की आरती – Shailputri Mata Aarti
माता शैलपुत्री की आरती – सार (भावार्थ) माता शैलपुत्री की आरती देवी के प्रथम नवदुर्गा स्वरूप की महिमा, करुणा और …
आरती देवी-देवताओं की स्तुति और उपासना के लिए गाया जाने वाला एक पवित्र भक्ति गीत है। पूजा के समय भक्त दीपक की पवित्र ज्योति अर्पित करते हुए आरती गाते हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन जाता है। “आरती” शब्द संस्कृत के “आरात्रिक” से निकला है, जिसका अर्थ है — अंधकार को दूर करके प्रकाश फैलाने वाली क्रिया। इसलिए आरती केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
माता शैलपुत्री की आरती – सार (भावार्थ) माता शैलपुत्री की आरती देवी के प्रथम नवदुर्गा स्वरूप की महिमा, करुणा और …
माता ब्रह्मचारिणी की आरती – सार (भावार्थ) माता ब्रह्मचारिणी की आरती में माता ब्रह्मचारिणी को अम्बे, चतुरानन ब्रह्मा की प्रिय, …
माँ चंद्रघंटा की आरती का – सार (भावार्थ) माँ चंद्रघंटा की आरती भक्त के हृदय से निकली श्रद्धा, विश्वास और …
कुष्मांडा माता की आरती का – सार (भावार्थ) कुष्मांडा माता की आरती देवी के करुणामयी, सृजनात्मक और कल्याणकारी स्वरूप को …
स्कंदमाता माता की आरती – सार (भावार्थ) स्कंदमाता माता की आरती में माँ स्कंदमाता को नवदुर्गा का पाँचवाँ स्वरूप मानकर …
कात्यायनी माता की आरती – सार (भावार्थ) कात्यायनी माता की आरती माँ अम्बे के उस शक्तिशाली स्वरूप का गुणगान करती …
कालरात्रि माता की आरती का – सार (भावार्थ) यह कालरात्रि माता की आरती माँ के उग्र किंतु करुणामयी स्वरूप का …
महागौरी माता की आरती का – सार (भावार्थ) महागौरी माता की आरती माँ दुर्गा के आठवें स्वरूप माँ महागौरी की …
सिद्धिदात्री माता की आरती का सार (भावार्थ) सिद्धिदात्री माता की आरती माँ दुर्गा के नवम स्वरूप की महिमा को अत्यंत …
यमुना माता की आरती – सार (भावार्थ) यमुना माता की आरती माँ यमुना के पावन, शीतल और मोक्षदायिनी स्वरूप का …