माँ दुर्गा देव्यपराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्र: संपूर्ण भावार्थ, लाभ और पाठ विधि
1. प्रस्तावना – परिचय और महत्व “कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति” – एक ऐसी पंक्ति जो मातृ-हृदय की गहराई …
1. प्रस्तावना – परिचय और महत्व “कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति” – एक ऐसी पंक्ति जो मातृ-हृदय की गहराई …
1. प्रस्तावना – परिचय और महत्व “अयि गिरि नंदिनि…” – एक ऐसी ध्वनि जो सीधा उतरती है हृदय में बिना …
1. दुर्गा अष्टोत्तरशतनामावली क्या है? दुर्गा अष्टोत्तरशतनामावली, जिसे श्री दुर्गा अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र के नाम से भी जाना जाता है, आदिशक्ति माँ दुर्गा के …
चैत्र नवरात्रि क्या है? (परिचय और महत्व) चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसे वासंतिक नवरात्रि भी कहा जाता है। …
परिचय: जब शब्द ही बन जाएँ शक्ति दोस्तों, दुर्गा चालीसा का अर्थ है, माँ दुर्गा की चालीस चौपाइयाँ। यह कोई सामान्य स्तुति …
नैना देवी जी की आरती का – सार (भावार्थ) नैना देवी जी की आरती, माँ के अद्भुत, अलौकिक और करुणामय …
कैला माता की आरती का – सार (भावार्थ) कैला माता की आरती माँ कैला रानी के दिव्य, करुणामय और शक्तिस्वरूप …
संकटा माता की आरती का – सार (भावार्थ) संकटा माता आरती, माँ संकटा भवानी के करुणामय, रक्षक और संकट-निवारक स्वरूप …
माँ महामाया की आरती का – सार (भावार्थ) यह आरती माँ महामाया के करुणामय, सर्वशक्तिमान और विश्वपालक स्वरूप का गहन …
द्वापर युग में जब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया, तब उनसे ठीक पहले माँ दुर्गा ने …